राजधानी के लोगों पर कोरोना और प्रदूषण की दोहरी मार

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राजधानी के लोग वर्तमान में दोहरी मार झेल रहे हैं। एक तो अबोहवा में प्रदूषण का ‘जहर’ घुला हुआ है तो दूसरी तरफ जानलेवा कोरोना वायरस के दिन प्रतिदिन रिकार्ड तोड़ नये मामले आ रहे हैं।

राजधानी की हवा में गुणवत्ता का स्तर एक बार फिर ‘बहुत खराब’ श्रेणी से बढ़कर ‘गंभीर स्थिति’ की श्रेणी में पहुंच गया है। राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर 400 को लांघ गया है जो सबसे अधिक खराब माना श्रेणी में आता है।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के आज जारी आंकड़ों के अनुसार सुबह अलीपुर में एक्यूआई 405 तो आनंद विहार में यह स्तर 401 दर्ज किया गया। वजीरपुर में यह 410 था।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार जहांगीरपुरी में एक्यूआई का स्तर 420 मापा गया। लोधी रोड़ में आईक्यूयू 311, आर के पुरम में 376, आईटीओ पर 384 और पंजाबी बाग में 387 रहा जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।

उधर दिल्ली में बुधवार शाम कोरोना के रिकाॅर्ड 5163 नये मामले सामने आए हैं।

राजधानी में कोरोना वायरस के रिकॉर्ड तोड़ नये मामले और अबोहवा के बुरी तरह दूषित होने को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूलों को अभी नहीं खोलने का फैसला किया है।

उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को संवाददाताओं को यह जानकारी दी।

पिछले आदेश में 31 अक्‍टूबर तक स्‍कूल बंद किए गए थे और अब अगले आदेश तक यह बंद रहेंगे।

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