समय पर होंगे विधानसभा चुनाव, तारीखों का ऐलान 5 जनवरी के बाद- बुजुर्गों को घर में ही मतदान की सुविधा

0
7

चुनाव आयोग ने कोरोना संकट के फिर से उभरने की वजह से उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में निर्धारित समय से एक घंटा अधिक मतदान कराने सहित अन्य अहम फैसले किये हैं। दरअसल, उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आज चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि कोरोना के खतरे को ध्यान में रखते हुये आयोग ने निर्णय लिया है कि उत्तर प्रदेश मे मतदान की अवधि को एक घंटे के लिये बढ़ा दिया जाए।

चंद्रा की अगुवाई में आयोग के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उप्र के तीन दिवसीय समीक्षा दौरे में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों सहित निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अन्य पक्षकारों के साथ कई दौर की बैठकों के बाद यह जानकारी दी। आयोग के प्रतिनिधि मंडल में देश के दोनों निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और डा अनूप चंद्र पांडेय तथा चुनाव आयोग के महासचिव उमेश सिन्हा के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

Assembly Polls 2022: 5 जनवरी के बाद होगा 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों का ऐलान, बढ़ेगा वोटिंग का समय

चंद्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 14 मई को समाप्त हो रहा है। राज्य में कुल 403 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 317 सामान्य, 84 अनुसूचित जातियों तथा 02 अनुसूचित जनजातियों के लिये आरक्षित विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी सीटों पर विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव कराये जाने हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में शामिल हुये सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराते हुये समय से चुनाव संपन्न कराने की मांग की है। यह भी साफ किया गया कि आखिरी मतदाता सूची 5 जनवरी को आएगी, मतलब चुनाव की तारीखों का ऐलान उसके बाद ही होगा।

उन्हाेंने बताया कि काेरोना संक्रमण के खतरे को ध्यान में रखते हुये आयोग उप्र में स्वतंत्र, निष्पक्ष, प्रलोभन मुक्त और कोरोना सुरक्षित निर्वाचन कराने के लिए प्रतिबद्ध है। चंद्रा ने कहा कि आयोग का यह प्रयास है कि आगामी चुनाव में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और नये मतदाताओं सहित सभी मतदाताओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो। इसके लिये विशेष उपाय भी किये गये हैं।

चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी

उन्होंने कहा कि इसके तहत सभी मतदान केंद्रों और मतदान कर्मियों के लिये कोविड सुरक्षित प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ काेरोना के खतरे से बचने के लिये इस बार मतदान केन्द्रों की संख्या में 11 हजार से अधिक का इजाफा किया गया है। चंद्रा ने बताया कि कोविड के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग मानकों को ध्यान में रखते हुये मतदान केन्द्रों पर भीड़ प्रबंधन के उपाय सुनिश्चित किये जायेंगे।

उन्होंने कहा कि इसके तहत उप्र के आगामी चुनाव में 1250 मतदाताओं पर एक मतदान केंद्र बनाने का फैसला किया गया है। अब तक एक मतदान केन्द्र पर अधिकतम 1500 मतदाता होते थे। इस प्रकार राज्य में 1 लाख 74 हजार 351 मतदान स्थल स्थापित किए जायेंगे। यह संख्या पिछले चुनावों से 11,020 अधिक है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here