फाइजर और माडर्ना की वैक्सीन नहीं खरीदेगा इंडिया, जानें- क्या है वजह

0
18
भारत फाइजर / बायोएनटेक और माडर्ना से कोरोना वैक्सीन नहीं खरीदेगा। भारत सरकार ने अधिक किफायती और आसानी से स्टोर होने वाले घरेलू टीकों के उत्पादन में उछाल के मद्देनजर यह फैसला लिया है। बता दें कि विश्व स्तर पर इन लोकप्रिय टीकों के निर्माताओं ने महामारी के दौरान निजी कंपनियों को नहीं बेचने का फैसला किया है। ऐसे में दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले देशों में से एक भारत में ये टीके उपलब्ध नहीं होंगे। भारत सरकार ने टीको के उपयोग से किसी भी दुष्प्रभाव पर कानूनी सुरक्षा के लिए अमेरिकी कंपनियों के अनुरोधों को पूरा करने से भी मना कर दिया है। भारत में किसी भी कंपनी को ऐसी सुरक्षा नहीं मिली है। एक सूत्र ने अप्रैल में टीके के लिए कंपनियों से भारत की अपील का जिक्र करते हुए कहा इससे पहले देश में टीकों की कमी और जरूरत थी। तब भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर कहर बरपा रही थी और देश में Vaccine की कमी थी।
एक अन्य सूत्र ने कहा कि अमेरिकी टीकों की कीमत ज्यादा होगी। हम उनकी शर्तों को क्यों मानें? सरकार Pfizer और Moderna के टीके नहीं खरीदेगी। वे आवश्यक नियामक मंजूरी के बाद निजी कंपनियों से गठजोड़ करने के लिए स्वतंत्र हैं। भारत में Pfizer के प्रवक्ता ने कहा कि चर्चा चल रही है और वह देश में Vaccine लाने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ने दोहराया कि महामारी के दौर में वह केवल केंद्र सरकारों को कोरोना Vaccine की आपूर्ति करेगी। Moderna और भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने टिप्पणी के अनुरोधों का तुरंत जवाब नहीं दिया। माडर्ना भारत में अपने भागीदार सिप्ला के माध्यम से, पहले से ही भारत में अपने टीके के लिए आपातकालीन-उपयोग की अनुमति प्राप्त कर चुका है। फाइजर की तरह इस वैक्सीन को भी अल्ट्रा-कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता होती है। ऐसी सुविधाओं की भारत में बहुत कमी है। दोनों टीकों की कीमत भारत के मुख्य Moderna कोविशील्ड से कई गुना अधिक है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here