ब्रिटिश जर्नलिस्ट का दावा – PAK जानता था कुलभूषण छोटी मछली हैं, फिर भी बताई बड़ी कामयाबी

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जासूसी पर किताब लिखने वाले ब्रिटिश जर्नलिस्ट एड्रियन लेवी (Adrian Levy) की एक नई किताब आई है. 26/11 हमले पर किताब लिख चुके एड्रियन ने इस बार जासूसी पर ‘स्पाय स्टोरीजः इनसाइड द सीक्रेट वर्ल्ड ऑफ द रॉ एंड आईएसआई’ किताब लिखी है. इस किताब को लेकर एड्रियन ने आज तक से खास बातचीत की. बातचीत में उन्होंने बताया कि पाकिस्तान (Pakistan) की जेल में बंद कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) भारतीय जासूस (Indian Spy) नहीं हैं, बल्कि उन्हें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने फंसाया है.

उन्होंने बताया कि कुलभूषण जाधव भारतीय जासूस नहीं थे, बल्कि वो तो पाकिस्तान में अपने कनेक्शन बना रहे थे, ताकि भारत की मदद कर सकें. उन्होंने दावा किया कि ISI इस पर नजर रखे हुई थी और उसने उन्हें फंसाया. एड्रियन का कहना है कि ISI इस बात को अच्छी तरह जानती थी कि कुलभूषण एक छोटी मछली हैं, फिर भी उसने उन्हें पकड़कर इसे बड़ी कामयाबी के तौर पर दिखाया.

एड्रियन ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ओर कई सारे जासूस कैद हैं. उन्होंने जासूसों की गिरफ्तारी को मानवीय त्रासदी बताया है.

उन्होंने कश्मीर में पैदा हुए आतंक के पीछे पाकिस्तान को ही जिम्मेदार बताया है. उन्होंने कहा कि कश्मीर में जो कुछ भी हुआ, उसके पीछे पाकिस्तान का ही हाथ है. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के एक अधिकारी मेजर इफ्तिखार भारत आए थे और काफी वक्त तक कश्मीर में रहे थे, जहां उन्होंने ISI के कई ऑपरेशन को अंजाम दिया. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने कश्मीर में हुर्रियत को बनाने में मदद की और कई अधिकारी कश्मीर में रहे.

पाकिस्तान दावा करता है कि उसने 2016 में कुलभूषण जाधव को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था. पाकिस्तान ने उन्हें इंडियन नेवी (Indian Navy) का अधिकारी बताते हुए जासूसी का आरोप लगाया था. वहीं, भारत का कहना है कि वो नेवी के रिटायर्ड अधिकारी हैं, जो व्यापार के सिलसिले में ईरान गए थे और पाकिस्तान ने उन्हें पाकिस्तान-ईरान सीमा से अगवा कर लिया था.

पाकिस्तान की आर्मी कोर्ट ने अप्रैल 2017 में जाधव को भारतीय जासूस मानते हुए फांसी की सजा सुनाई थी. भारत ने इस फैसले को मई 2017 में इंटरनेशनल कोर्ट (ICJ) में चुनौती दी थी. 2019 में ICJ ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी और पाकिस्तान को आदेश दिया था कि वो उन्हें काउंसलर एक्सेस दे और सजा पर दोबारा विचार करे.

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