UNGA अध्यक्ष ने फिलिस्तीन से की कश्मीर की तुलना , पाक से कहा UN में उठाए मुद्दा

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पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए UNGA चीफ वोल्कन बोजकिर ने बोजा कि जम्मू-कश्मीर विवाद के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के मंच पर और अधिक मजबूती के साथ लाना पाकिस्तान का कर्तव्य है। पाकिस्तानी वेबसाइट डॉन के मुताबिक कश्मीर मसले को फिलिस्तीन मुद्दे से तुलना करते हुए UNGA  अध्यक्ष बोजकिर ने कहा कि कश्मीर विवाद के समाधान के लिए बड़ी राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है। उन्होंने यह भी यह पाकिस्तान का विशेष कर्तव्य है कि वह  UN मंच पर कश्मीर के मुद्दे को और अधिक मजबूती से लाए यही नहीं, उन्होंने यहां तक कह डाला कि वह इस बात से सहमत हैं कि फिलिस्तीनी और कश्मीर मुद्दा एक ही समय के हैं
UNGA अध्यक्ष ने  आगे कहा कि मैंने हमेशा सभी पक्षों से जम्मू-कश्मीर की स्थिति बदलने से परहेज करने का आग्रह किया है उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्तावों के तहत शिमला समझौते में सहमति के अनुसार शांतिपूर्ण तरीकों से समाधान निकाला जाना चाहिए था जाहिर है कि पाकिस्तान द्वारा उपलब्ध कराए गए गलत तथ्यों के आधआर पर बोजकिर का परोक्ष तौर पर इशारा भारत द्वारा अगस्त 2019 में जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के कदम की ओर था बोजकिर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के निमंत्रण पर आधिकारिक यात्रा पर बुधवार को इस्लामाबाद पहुंचे थे
जाहिर है इससे पाकिस्तान के हौसले बुलंद होने ही थी पाक विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा कि उन्होंने यूएनजीए अध्यक्ष को कश्मीर में गंभीर स्थिति के बारे में जानकारी दी थी और फिलीस्तीनी और कश्मीर के मुद्दों के बीच समानता पर उनका ध्यान आकर्षित किया था। उन्होंने लोगों की आम मांगों पर प्रकाश डाला और कहा कि दोनों मुद्दे दशकों से यूएनएससी एजेंडा में रहे हैं कुरैशी ने जोर देकर कहा, ‘ध्यान दीजिए, ये अंतरराष्ट्रीय दायित्व हैं। संयुक्त राष्ट्र को जिम्मेदारी की वह भूमिका निभानी चाहिए जो अब तक बकाया है कश्मीर विवाद एक वास्तविकता है और कोई भी इसे न तो नकार सकता है या इसे यूएनएससी के एजेंडे से हटा सकता है।
यूएनजीए के अध्यक्ष वोल्कन बोजकिर ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में बहुपक्षवाद के महत्व पर एक चर्चा के दौरान कहा कि दक्षिण एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि पाकिस्तान और भारत के बीच संबंधों के सामान्यीकरण पर टिकी हुई है, जो कश्मीर मुद्दे के समाधान से संभव है। उन्होंने कहा, मैं भारत और पाकिस्तान से इस इस मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के लिए काम करने का आग्रह करता हूं। गौरतलब है कि बोजकिर संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्षता करने वाले तुर्की के पहले नागरिक हैं। यही नहीं, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष पद संभालने से पहले अगस्त 2020 में भी पाकिस्तान का दौरा किया था। इस वक्त पाकिस्तान औऱ तुर्की की गलबहियां किसी से छिपी नहीं हैं।

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