बर्ड फ्लू के मद्देनजर वैज्ञानिकों की हाई पावर कमेटी गठित

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देश के कई राज्यो में फैल रहे बर्ड फ्लू के मद्देनजर बरेली के केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई )ने पांच वैज्ञानिकों की हाई पावर कमेटी गठित करते हुए एतियात के तौर पर परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।  सीएआरआई के कार्यवाहक निदेशक डॉ संजीव कुमार ने यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले मिले के बाद यहां केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान ने कुछ एहतियान कदम उठाए हैं। डॉ संजीव ने बताया कि सीएआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिकों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये। बैठक में तय हुआ कि फिलहाल संस्थान में बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
संस्थान के परिसर में कुकुट पालक  नहीं आ सकेंगे। उन्होंने कहा कि कुकुट पालक की  किसी भी समस्या का समाधान फोन पर ही किया जाएगा। परिसर में अंडा व मीट की बिक्री के लिए बना मार्केटिंग सेंटर भी फिलहाल बंद रहेगा। स्टाफ के लिए भी अंडे की बिक्री अब एक नए केंपस गेट के पास काउंटर बनाकर की जाएगी। परिसर में साइकिल या किसी अन्य प्रकार की गाड़यिां नहीं आएंगी यदि दवाई और दाना आदि लेकर गाड़यिां आती हैं तो उनको पहले सेनेटाइज किया जाएगा, गाड़यिों के टायर धोए जाएंगे, इसके बाद संस्थान में यह वाहन प्रवेश कर पाएंगे।
सिर्फ आवश्यक सेवाओं जैसे दाना, चारा ,दवाई आदि देने  वाले कर्मचारियों को ही अंदर आने की इजाजत  होगी। डॉक्टर संजीव कुमार का कहना है कि संस्थान के पांच वरिष्ठ वैज्ञानिकों की टीम गठित की जिसमें डा0 जगवीर त्यागी अध्यक्ष ,डा. अजित सिंह यादव ,डा. गोथम कुलुरी डा. सत्य राम मीणा और डा0 अरुण कुमार शामिल हैं। डाक्टर संजीव कुमार का कहना है कि बर्ड फ्लू माइग्रेटेड पक्षी लेकर यहां आते हैं। इसलिए यहां भी काफी सतर्कता बरतने की जरूरत है । इसके तहत प्रवासी पक्षियों की मॉनिटरिंग की जा रही है ।
किसानों पोल्ट्री फार्म पर बायोसिक्योरिटी का भी ध्यान दें मशीन कोई बाहरी व्यक्ति पोल्ट्री फार्म न जाए इससे वायरस फैलने का फैलने की आशंका रहती है। उधर बरेली के मुख्य वन रक्षक ललित वर्मा ने बताया कि  वन विभाग भी बरेली और बरेली के आसपास जिलों में आने वाले प्रवासी पक्षियों पर नजर रखे हुए है।   वबनबसा (पीलीभीत) , चूका रिसार्ट (पीलीभीत),लिलोर झील (बरेली) सहित क्षेत्र के बड़े तालाबों और  झीलों  और नदियों पर वन  विभाग की टीमें नजर रखे हुए है।

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