देश में बर्ड फ्लू का कहर जारी, पर्यावरण मंत्रालय ने राज्यों को लिखी चिट्ठी

0
1114

दुनिया भर में कोरोना महामारी का कहर जारी है। इस महामारी से कई लोगों की जान चली गई है। इस बीमारी से दुनिया भर के वैज्ञानिक लड़ रहे हैं। वहीं अब देश में बर्ड फ्लू के खतरे ने दस्तक दे दी है। दरअसल, देश के कई राज्यों में पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। राजस्थान, मध्य प्रदेश के बाद हिमाचल प्रदेश और केरल में भी इसका कहर जारी है। इन राज्यों में अब तक सैकड़ों पक्षियों की मौत हो चुकी है। इसके बाद से यहां की राज्य सरकारों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। एवियन इंफ्लूएंजा वायरस के बढ़ते प्रकोप देखते हुए केरल सरकार ने इसे आपदा घोषित कर दिया है। वहीं, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, झारखंड, बिहार, तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर अलर्ट पर हैं।

इस बीच केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय (MoEF&CC) ने मंगलवार को सभी राज्य मुख्य सचिवों और मुख्य वन्यजीव वार्डनों को चिट्ठी लिखकर उनसे एवियन इन्फ्लुएंजा (H5N1) के लिए राज्य स्तरीय निगरानी समितियों का गठन करने को कहा है। राज्यों को सलाह दी गई है कि पशुपालन विभाग द्वारा सैंपलिंग टेक्नीक पर आयोजित ट्रेनिंग में भाग लेने के लिए कर्मचारियों/अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाए। साथ ही प्रवासी पक्षियों की सभी मौतें- उनकी संख्या और कारण (Bird Flu) पर्यावरण मंत्रालय को बताया जाए। मंत्रालय ने कहा कि भेजे गए सैंपल और टेस्टिंग रिपोर्ट्स के कलेक्शन, डिस्पैच के लिए स्थानीय पशु चिकित्सा विभाग से संपर्क किया जाना चाहिए।

ऐसे में पर्यावरण मंत्रालय ने सभी राज्यों में प्रवासी पक्षियों की निगरानी के लिए एक एक्शन प्लान तैयार करने को कहा गया है। राज्य प्रवासी पशु-पक्षियों के नमूनों के संग्रह में राज्य पशु चिकित्सा विभागों के साथ सहयोग करेंगे। इसमें मृत पक्षियों का सैंपल अत्यंत सावधानी और साइंटिफिक ऑब्जर्बेशन के साथ लिया जाएगा। वहीं, निगरानी केवल संरक्षित क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन क्षेत्रों में भी होगी जहां प्रवासी पक्षी आते हैं।

पर्यावरण मंत्रालय की चिट्ठी में आगे लिखा गया कि किसी भी पक्षी के अनुचित व्यवहार या जंगली पक्षियों के साथ-साथ प्रवासी पक्षियों की मौत (Bird Flu) की गहन निगरानी की जानी चाहिए। चिड़ियाघर में भी सतर्कता बरती जानी चाहिए। सभी राज्यों को महत्वपूर्ण पक्षी स्थलों की जानकारी के साथ-साथ वीकली रिपोर्ट मंत्रालय को भेजने के लिए कहा गया है। इसमें पक्षियों की संख्या और प्रजातियां, आने और रहने की अवधि, पिछले वर्षों की तुलना में प्रवासी पैटर्न में कोई भी परिवर्तन आदि का जिक्र करना होगा।

चिट्ठी में आगे कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में प्रवासी पक्षियों सहित बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत की खबरें आई हैं। आईसीएआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज, भोपाल में सैंपल H5Nl एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस (Bird Flu) के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं। केंद्रशासित प्रदेश और राजय इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएं और कोई भी संकेत मिलते ही पक्षियों की निगरानी करें। चिड़ियों की निगरानी के समय जिन लक्षणों को देखना है, वे हैं- कंपकंपी, दस्त, सिर का झुकाव, पैरालिसिस वगैरह।

बताते चलें कि हिमाचल प्रदेश, केरल, राजस्थान में बर्ड फ्लू के चलते हजारों पक्षी मर गए हैं। हिमाचल में इस मौसम में प्रवासी पक्षी बहुतायत में कांगड़ा और आसपास के इलाकों में आते हैं। सोमवार तक के आंकड़े करीब 2300 पक्षियों के मौत की पुष्टि कर रहे हैं। इसके बाद राज्य सरकार ने कई इलाकों के पक्षियों को मारने के लिए आदेश दिए हैं।

उसी तरह केरल में पिछले 2-3 दिनों में 12000 से ज्यादा बत्तख केवल दो जिलों कोट्टायम और अलप्पुझा में मर चुकी हैं। इस राज्य में हर साल ही बर्ड फ्लू की मार पड़ती है। वहां भी राज्य सरकार कई प्रभावित इलाकों में पक्षियों को मार रही है। राजस्थान में भी 500 के आसपास पक्षी मारे गए हैं। मध्य प्रदेश राज्य में भी अलर्ट जारी हो गया है। सरकार कहना है कि बर्ड फ्लू से एच5एन8 और कई अऩ्य तरह के वायरस एंफ्लुएंजा का खतरा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here