विपक्ष के बाद अब अदालत के निशाने पर इमरान खान, चीफ जस्टिस ने कहा – भ्रष्ट हो गई है पाकिस्तान की सरकार

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पाकिस्तान (Pakistan) की इमरान खान सरकार को अदालत ने कड़ी फटकार लगाई है. इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने पाकिस्तान की शासन व्यवस्था पर तल्ख टिप्पणी करते हुए उसे भ्रष्ट बताया है. मुख्य न्यायाधीश अतहर मिनाल्ला ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि पाकिस्तान की शासन व्यवस्था भ्रष्ट हो चुकी है. इसलिए जनता को सस्ता और शीघ्र न्याय उपलब्ध नहीं होता. कोर्ट की ये टिप्पणी इमरान खान के गाल पर तमाचे की तरह है, जो भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के दावे करते रहे हैं.

पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद में बढ़ते अपराधों से जुड़े मामले पर सुनवाई के दौरान अदालत ने भ्रष्टाचार को लेकर इमरान खान (Imran Khan) सरकार को जमकर लताड़ लगाई. मुख्य न्यायाधीश अतहर मिनाल्ला ने कहा कि जिला अदालतों में आमजन को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और रिश्वत देनी पड़ती है. अदालत में मौजूद प्रधानमंत्री के जवाबदेही और आंतरिक मामलों के सलाहकार मिर्जा शहजाद अकबर (Mirza Shahzad Akbar) ने कहा कि पूरे मामले से प्रधानमंत्री को अवगत कराएंगे. इस पर कोर्ट ने उन्हें भी फटकार लगा डाली.

हाईकोर्ट ने मिर्जा शहजाद अकबर से कहा कि आप सरकार के जवाबदेही मामलों के सलाहकार हैं. आप खुद जवाबदेही अदालतों में जाइए और देखिए वहां क्या स्थिति है. वहां के न्यायाधीशों के पास स्टाफ तक नहीं है. उन्हें आदेश लिखवाने के लिए भी यहां-वहां देखना पड़ता है. ऐसा तब है जब इन अदालतों पर काम का भारी बोझ है. बता दें कि पाकिस्तान में जवाबदेही अदालतें ही भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई करती हैं. जस्टिस मिनाल्ला ने आगे कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि अदालतें रोज सुनवाई कर मामलों को जल्द खत्म करें. हम रात-दिन काम कर लोगों को जल्द न्याय दिलाने के लिए तैयार हैं, मगर न्यायाधीशों को सहयोगी स्टाफ मिलना चाहिए’.

‘Courts की स्थिति बेहद खराब’  – चीफ जस्टिस ने कहा कि देश की शासन व्यवस्था भ्रष्ट हो चुकी है. बीते 40 सालों से जरूरतों की अनदेखी हो रही है. उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि अदालतों का कामकाजी माहौल बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इस पर किसी का कोई ध्यान नहीं है. अदालतों की संख्या बढ़ाने के बजाए संबंधित अधिकारियों को मौजूदा कोर्ट रूम के हालातों में सुधार करना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘मुझे संपत्ति विवाद और अतिक्रमण से जुड़ी कई शिकायतें मिली हैं. राजस्व अधिकारियों की जानकारी के बिना क्या ऐसा मुमकिन है? इस देश में शासन प्रणाली पूरी तरह से भ्रष्ट हो गई है’.

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