CM कैप्टन ने कहा- अमित शाह के साथ बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे..

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आम आदमी पार्टी पर ‘घटिया‘ राजनीति करने का आरोप लगाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने आज स्पष्ट किया कि केंद्रीय गृह मंत्री के साथ उनकी बैठक में सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित एजेंडे पर बातचीत की गई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शिष्टाचार की हदें पार न करने की सलाह देते हुए कैप्टन ने कहा कि पाकिस्तान की सीमा से सटे राज्य के मुख्यमंत्री व गृहमंत्री के तौर पर उनकी यह जिम्मेदारी बनती है कि राज्य में चल रही गतिविधियों के बारे केंद्र सरकार को अवगत करवाया जाये। उन्होंने आप नेता की तरफ से लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि इन आरोपों में कतई सत्य नहीं है कि वह केंद्रीय गृह मंत्री से अपने परिवार पर चल रहे ईडी मामलों के सम्बन्ध में मिले थे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ई.डी. की तरफ से उनके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि हालांकि उनके पुत्र रणइन्दर सिंह के खिलाफ ईडी की तरफ से दर्ज एक केस पिछले एक दशक से चल रहा है और वह भी फेमा एक्ट के अधीन है जो कि सिविल /वित्तीय मामले के साथ जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने उनके पुत्र को इससे पहले भेजे आयकर के गलत अनुमानों के आदेशों पर भी रोक लगा दी थी। बौखलाहट में आकर आयकर विभाग ने उनके समूचे परिवार को ‘प्रतिशोध की कार्रवाई‘ का निशाना बनाया और यहां तक कि उनके छोटे पोते-पोती को भी नहीं बख्शा व उन्हें काला धन रोकथाम अधिनियम के अंतर्गत नोटिस जारी किये गए जिनके साथ कानूनी ढंग से निपटा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केजरीवाल को शिष्टाचार की हदें पार नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमृतसर जिले में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के साथ जुड़े ड्रोन गिरोह का पर्दाफाश करने के पाँच दिन बाद एक ड्रोन के जरिये 19 और 20 दिसंबर की रात को पाकिस्तान की तरफ से फेंके गए 11 हैंड ग्रेनेड जब्त करने की घटना के बारे में केंद्र सरकार को अवगत कराना उनका फर्ज था ताकि प्रांतीय और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ पाकिस्तान के घिनौने इरादों को नाकाम करने के लिए ठोस रणनीति तैयार करने के लिए आपसी तालमेल के साथ काम करें क्योंकि पड़ोसी मुल्क राज्य की अमन-कानून व्यवस्था के साथ-साथ देश की एकता और अखंडता के लिए हमेशा ही बड़ा ख़तरा बना हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी कई घटनाएं मीडिया में रिपोर्ट नहीं होतीं क्योंकि लोगों में घबराहट पैदा होने से बचने के लिए इनको सार्वजनिक नहीं किया जाता। हालांकि राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी यह ड्यूटी बनती है कि ऐसी हर गतिविधि संबंधी केंद्र सरकार को अवगत करवाया जाये। कैप्टन ने केजरीवाल को कृषि कानूनों बारे अपने अस्पष्ट स्टैंड पर सफाई देने की चुनौती देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने पहले तो एक कानून को नोटीफाई कर दिया और अब किसानों के प्रति झूठी हमदर्दी दिखाकर इस नाजुक मुद्दे पर आप नेता मगरमच्छी आंसू बहा रहे हैं जो सिर्फ और सिर्फ नौटंकी है।

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