हाई कोर्ट ने पीएससी प्रारंभिक परीक्षा के तीन प्रश्नों की जांच कर फिर से मेरिट लिस्ट जारी करने का दिया निर्देश

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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राज्य लोक सेवा आयोग की 2020 में हुई प्रारंभिक परीक्षा के तीन प्रश्नों की फिर से जांच कर दो माह के भीतर नई मेधा सूची जारी करने तथा उसके बाद ही मुख्य परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया है. याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता रोहित शर्मा ने बताया कि फरवरी 2020 में आयोजित की गई पीएससी प्रारंभिक परीक्षा (PSC Prelims Exam) में पूछे गए 12 प्रश्नों को लेकर उदयन दुबे, राकेश यादव, अजीत मिश्रा और ज्योति सोनी सहित करीब 95 अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय में याचिकाएं दाखिल की थीं.

याचिका में कहा गया था कि पीएससी प्रारंभिक परीक्षा (PSC Prelims Exam)  में पूछे गए 12 प्रश्नों के उत्तर, मॉडल उत्तर के अनुसार सही थे लेकिन बाद में जारी किए गए संशोधित मॉडल उत्तर में उन्हें गलत करार दे दिया गया, जिसके कारण उन्हें मुख्य परीक्षा में शामिल होने की पात्रता नहीं मिल सकी.

शर्मा ने बताया कि उच्च न्यायालय ने इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद पिछले माह आठ अक्टूबर को याचिकाकर्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए 18 अक्टूबर को आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षा पर रोक लगा दी थी. वहीं, सुनवाई पूरी होने के बाद 14 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था.

उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी की एकल पीठ ने मंगलवार को फैसले को जारी करते हुए पीएससी को आदेश दिया है कि प्रश्न क्रमांक 2, 76 और 99 की दोबारा जांच कर दो माह के भीतर नए सिरे से मेधा सूची जारी करें और उसके बाद ही मुख्य परीक्षा आयोजित करें.

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