अशून्य शयन द्वितीया व्रत: दाम्पत्य जीवन में बना रहे हमेशा प्यार तो आज जरूर अपनाएं ये खास उपाय

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कार्तिक कृषण पक्ष की द्वितीया  तिथि और सोमवार का दिन है | द्वितीया  तिथि आज का पूरा दिन पार करके देर रात 1 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। आज अशून्य शयन द्वितीया व्रत है। ये व्रत चातुर्मास के प्रत्येक चार महीनों के दौरान कृष्ण पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है। चातुर्मास के चार महीनों में श्रावण, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक शामिल हैं। विष्णुधर्मोत्तर पुराण के पृष्ठ- 71, मत्स्य पुराण के पृष्ठ- 2 से 20 तक, पद्मपुराण के पृष्ठ-24, विष्णुपुराण के पृष्ठ- 1 से 19 आदि में अशून्य शयन व्रत का उल्लेख मिलता है। अशून्य शयन द्वितीया का अर्थ है- बिस्तर में अकेले न सोना पड़े। जिस प्रकार स्त्रियां अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र के लिये करवाचौथ का व्रत करती हैं, ठीक उसी तरह पुरूषों को अपनी जीवनसाथी की लंबी उम्र के लिये ये व्रत करना चाहिए। क्योंकि जीवन में जितनी जरूरत एक स्त्री को पुरुष की होती है, उतनी ही जरूरत पुरुष को भी स्त्री की होती है।

आज वरीयान योग है। वरीयान योग आज का पूरा दिन पार कर के अगली सुबह 6 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। यदि कोई मंगलदायक कार्य करने जा रहे हैं तो अवश्य  करें, निश्तिच सफलता मिलेगी। साथ ही आज कृतिका नक्षत्र भी है, कृतिका नक्षत्र रात 11 बजकर 50 मिनट तक रहेगा | यह तीसरा नक्षत्र है।  कृतिका नक्षत्र के जातक तेजस्वी, ईमानदार, प्रेमी स्वभाव वाले, दयालु, सामाजिक कार्यों में रुचि लेने वाले और कला विज्ञान में कुशल होते हैं।  कृतिका नक्षत्र का संबंध गूलर के पेड़ से है। कृत्तिका नक्षत्र में जन्मे लोगों को इस दौरान गूलर के पेड़ की पूजा करनी चाहिए साथ ही उसे किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचानि चाहिए।

 

 

अशून्य शयन द्वितीया का ये व्रत पति-पत्नी के रिश्तों को बेहतर बनाने के लिये बेहद अहम है। इस व्रत में मां लक्ष्मी और  भगवान विष्णु की पूजा – अर्चना करने का विधान है। दरअसल शास्त्रों के अनुसार चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु का शयनकाल होता है और इस अशून्य शयन द्वितीया  व्रत के माध्यम से शयन उत्सव मनाया जाता है। कहते हैं जो भी इस व्रत को करता है, उसके दाम्पत्य जीवन में कभी दूरी नहीं आती। घर-परिवार में सुख-शांति तथा सौहार्द्र बना रहता है। अतः ग्रहस्थ पति को ये व्रत अवश्य करना चाहिए। इस व्रत में भगवान की प्रार्थना किस प्रकार करनी चाहिए।

लक्ष्म्या न शून्यं वरद यथा ते शयनं सदा।

शय्या ममाप्य शून्यास्तु तथात्र मधुसूदन।।
अर्थात् हे वरद, जैसे आपकी शेषशय्या लक्ष्मी जी से कभी भी सूनी नहीं होती, वैसे ही मेरी शय्या अपनी पत्नी से सूनी न हो, यानी मैं उससे कभी अलग ना रहूं, ऐसी प्रार्थना करनी चाहिए। प्रार्थना के बाद पूरे दिन व्रत करना चाहिए और शाम के समय चन्द्रोदय होने पर अक्षत, दही और फलों से चन्द्रमा को अर्घ्य देना चाहिए। इस प्रकार अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करना चाहिए। फिर अगले दिन तृतीया को,  ब्राह्मण को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए।

 

आज की गृह और नक्षत्र की स्थिति के अनुसार सभी लोग यह उपाय करके लाभ उठा सकते है। जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से खास उपायों के बारे में।

  • अगर आप अपने दाम्पत्य संबंधों में प्यार को बरकरार रखना चाहते हैं तो आज एक कच्चा नारियल लेकर उसके ऊपर रोली से ‘श्री’ लिखना चाहिए। इसके बाद भगवान विष्णु के मन्दिर में जाकर उस नारियल को भगवान को अर्पित कीजिए।
  • अगर आप अपने परिवार के सुख-सौभाग्य में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो आज  एक 5 मुखी रुद्राक्ष, एक साबुत हल्दी, गोमती चक्र, कौड़ी और गुंजाफल के दाने लेकर एक सौभाग्य पोटली बनाएं और इस पोटली को श्री विष्णु पूजा के समय भगवान के पास रखें | पूजा के बाद इस सौभाग्य पोटली को उठाकर अपने घर के मन्दिर में रख दें | आपके सुख-सौभाग्य में बढ़ोतरी होगी।
  • अगर आप जीवन में अपने जीवनसाथी का पूरा साथ पाना चाहते हैं तो आज आपको देवी मां के मन्दिर में फूल चढ़ाने चाहिए और फिर प्रसाद में मिले हुए फूल को घर लाकर अपने जीवनसाथी को देना चाहिए।
  • अगर आप अपने दाम्पत्य जीवन को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो आज सुबह स्नान  के बाद एक कटोरी में थोड़ा-सा घिसा हुआ पीला चन्दन लेकर, माँ लक्ष्मी और विष्णु जी को तिलक लगाएं | फिर उसी कटोरी से चन्दन लेकर स्वयं के और अपने जीवनसाथी के मस्तक पर भी तिलक लगाएं।
  • अगर आपके दाम्पत्य जीवन में कुछ अनबन चल रही है, जिससे आपके रिश्तों की मधुरता कुछ कम हो गई है तो आज आपको भगवान विष्णु के मंत्र का 21 बार जाप करना चाहिए। भगवान विष्णु का मंत्र इस प्रकार है-‘ऊँ नमो भगवते नारायणाय।’ आपके दाम्पत्य जीवन में चल रही  अनबन  दूर होंगी और आपके रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।
  • अगर आप अपने मान-सम्मान और वैभव में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो आज  सुबह  स्नान के बाद मीठी पूरियों का चूरमा बनाकर पक्षियों को खिलाएं | साथ ही एक मिट्टी के बर्तन में पक्षियों के लिए पानी भरकर रखें।
  • अगर आप अपने बिजनेस में जीवनसाथी का सहयोग पाना चाहते हैं तो आज आपको एक रूपये का सिक्का लें उस पर हल्दी से टीका लगायें । उस पर कोई अच्छी सी खुशबू लगाएं। अब इस सिक्के को भगवान विष्णु  के चरणों में अर्पित करें।
  •  अगर अपने दाम्पत्य जीवन में विश्वास बनाये रखना चाहते हैं, तो आज  जीवनसाथी के साथ तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें | साथ ही लक्ष्मी जी को खोये की मिठाई का भोग लगाएं और हाथ जोड़कर लक्ष्मी जी का आशीर्वाद प्राप्त करें | आपके दाम्पत्य जीवन में विश्वास बना रहेगा

 

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