Tuesday , 14 August 2018

सोशल मीडिया पर उठी यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज़

मंथन न्यूज़ नेटवर्क :  पिछले दिनों वर्किंग प्लेस पर यौन उत्पीड़न की शिकायत के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर #MeToo कैंपेन चलने के बाद एक बार इसी माध्यम से ट्विटर पर एक और जंग छिड़ी है. पिछली बार की तरह इस बार भी मामला महिलाओं पर हो रहे यौन अत्याचारों का ही है, लेकिन इस बार वर्किंग प्लेस नहीं बल्कि धार्मिक स्थल है. दरअसल ट्विटर पर #MosqueMeToo काफी ट्रेंड कर रहा है. इस कैंपन में उन महिलाओं ने अपनी आवाज उठाई हैं जो धार्मिक स्थल जैसे मंदिर, मस्जिद, चर्च जैसे स्थानों पर छेड़छाड़ की घटना का शिकार हुई हैं.

मिस्र मूल की एक अमेरिकी पत्रकार मोना एल्थवे ने इस कैंपन की शुरुआत की है. अमेरिकी पत्रकार ने अपने साथ वर्ष 2013 में हज के दौरान हुई छेड़छाड़ की खटना को ट्विटर पर शेयर करते हुए #MosqueMeToo ट्वीट किया. उनके एक ट्वीट के बाद हजारों की संख्या में महिलाओं ने #MosqueMeToo के नाम पर ट्वीट किया. अमेरिकी पत्रकार के ट्वीट के बाद पहली महिला ने रिप्लाई करते हुए एक सबिका नाम की महिला ने लिखा, ‘हम इसा की नमाज अदा करने के बाद काबा का तवाफ कर रहे थे और मेरे साथ वो हुआ जो मैंने ख्वाब में भी नहीं सोचा था. तीसरे तवाफ के दौरान मैंने पाया कि किसी अनजान का हाथ मेरी कमर पर था. मैंने ये मानकर इसे पूरी तरह से अनदेखा कर दिया कि ये गलती से हो सकता है, लेकिन जब ये दोबारा और तीसरी बार हुआ तो इसने मुझे परेशान कर दिया, मैं पूरी तरह से हैरान थी कि आखिर ये हो क्या रहा है, लेकिन हद तब हो गई जब वो हाथ मेरे कमर से नीचे जाने लगा.