Thursday , 10 May 2018

जल संरक्षण राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता: CM त्रिवेंद्र

मंथन न्यूज़ नेटवर्क :  मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि जल संरक्षण राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। एक साल में देहरादून में तीन झील बनाने का निर्णय लिया गया। इसमें सूर्यधार का टेंडर हो गया है। सौंग के लिए बजट का प्रावधान कर लिया गया है। मलढ़ूंग की डीपीआर तैयार हो रही है। पिथौरागढ़, अल्मोड़ा एवं पौड़ी में झील बनाने का निर्णय लिया है। इन झीलों के माध्यम से जल संरक्षण के साथ-साथ ईको सिस्टम भी ठीक होगा। इस वर्ष 70 करोड़ लीटर जल संरक्षण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लगभग 200 करोड़ रुपये जल संग्रहण एवं उससे संबंधित योजनाओं पर खर्च किए जाएंगे।

 

उन्होंने कहा कि जल संकट की चुनौती से लड़ने के लिए विशेष प्रयास की जरूरत है। भविष्य में जल संकट विश्व के समक्ष एक गंभीर समस्या होगी। जल संरक्षण के लिए राज्यों को संयुक्त रूप से विचार करना होगा। टिहरी के जलाशय के कारण गंगा का जल स्तर सही बना हुआ है। जल संरक्षण के लिए वाटर कापर्स बनना चाहिए। बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सर्वे चौक स्थित आईआरटीडी सभागार में जल संचय, संरक्षण-संवर्धन अभियान एवं विश्व बैंक सहायतित उत्तराखंड अर्धनगरीय क्षेत्रों के लिए पेयजल कार्यक्रम, नमामि गंगे की बेबसाइट के शुभारंभ के साथ ही विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए स्वच्छता विषय पर पठन सामग्री का भी विमोचन भी किया।

 

जल चेतना रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
मुख्यमंत्री रावत ने 9 से 30 जून तक चलने वाले जल संचय, संरक्षण-संवर्धन अभियान के तहत जन जागरूकता के लिए जल चेतना रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर पेयजल मंत्री प्रकाश पंत, सचिव पेयजल अरविन्द सिंह ह्यांकी, विश्व बैंक की स्मिता मिश्रा, निदेशक स्वजल डॉ. राघव लंगर, पेयजल के प्रबंध निदेशक भजन सिंह, जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एस.के. गुप्ता आदि मौजूद रहे