Monday , 22 October 2018

पाकिस्तानी सरकार करेगी हाफिज सईद की चैरिटी संगठनों पर कब्ज़ा

मंथन न्यूज़ नेटवर्क : पाकिस्तान एक बार फिर से मुंबई हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद के ऊपर कार्रवाई करने की तैयारी में है। लेकिन, यह कार्रवाई सीधे उसके ऊपर ना होकर उसके जरिए चलाए जा रही चैरिटी संगठनों और अन्य संस्थाओं पर होगी। खबरों के अनुसार वाशिंगटन की तरफ से आंतकी करार दिए गए हाफिज सईद की इन संस्थाओं पर कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की सरकार ने 19 दिसंबर को अपने गुप्त आदेश में कई प्रांतीय और संघीय सरकार के साथ इस योजना को साझा किया है। पत्रकारों ने कहा है कि इस उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए अधिकारी ने उनसे यह जानकारी बया कीथी। 19 दिसंबर को पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किए गए इस गोपनीय दस्तावेज़ में पाकिस्तान की पांच राज्य की सरकार और वहां के कानून प्रवर्तन अभिकरणको यह निर्देश दिया है कि 28 दिसंबर तक वे इस बारे में अपनी कार्य योजना बताएं। इसमें हाफिज सईद की दो चैरिटी जमात-उद-दावा (जेयूडी) और फलह-ए-इंसानियत संस्थान को अपने नियंत्रण में लेना है।

गौरतलब है कि अमेरिका ने जमात उद दावा और फलह ए इंसानियत को लश्कर-ए-तैयबा का नक़ाब बताया है। लश्कर ए तैयबा की स्थापना हाफिज सईद ने 1987 में की थी जिस पर वाशिंगटन और भारत दोनों ही 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार मानता है। 9/11 मुंबई हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी। हालांकि, सईद ने लगातार ये कहा है कि उसका मुंबई हमले में उसका कोई हाथ नहीं है और पाकिस्तान की अदालत ने भी उसे सबूतों को अभाव में रिहा कर दिया। 19 दिसंबर को जो गुप्त दस्तावेज- ‘वित्तीय कार्रवाई कार्य बल’ (एफएटीएफ) को जारी किए गए हैं उसमें सईद के सिर्फ दो चैरिटी संगठनों का नाम है और आगे लिखा गया है कि कार्रवाई की जाएगी।

एफएटीएफ एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो काले धन को वैध बनाना और आतंक निधि के खिलाफ चुनौतियों का सामना करता है। एफएटीएफ की तरफ से पाकिस्तान को यह चेतावनी दी गई है कि वह आतंकवादियों के वित्त पर कार्रवाई करने में नाकाम रहता है तो उसके निगरानी सूची में शामिल किया जा सकता है। इस योजना को लेकर की गई बैठक की सह-अध्यक्षता करनेवाले पाकिस्तान के गृह मंत्री अहसान इकबाल ने जेयूडी और एफआईएफ पर कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में बताया है कि उन्होंने वरिष्ठों को यह आदेश दिया है कि पाकिस्तान में जितने भी प्रतिबंधित संगठन है उसके फंड जुटाने को रोका जा सके।