Thursday , 21 November 2019

आर्थिक मोर्चे पर भारत को एक और झटका, मूडीज ने घटाई रेटिंग

मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत की रेटिंग पर अपना परिदृश्य बदलते हुए इसे स्थिर से नकारात्मक कर दिया है। पहले के मुकाबले आर्थिक वृद्धि के बहुत कम रहने की आशंका है। एजेंसी ने भारत के लिए बीएए2 विदेशी-मुद्रा एवं स्थानीय मुद्रा रेटिंग की पुष्टि की है। रेटिंग एजेंसी ने एक बयान में कहा, परिदृश्य को नकारात्मक करने का मूडीज का फैसला आर्थिक वृद्धि के पहले के मुकाबले काफी कम रहने के बढ़ते जोखिम को दिखाता है। मूडीज के पूर्व अनुमान के मुकाबले वर्तमान की रेटिंग लंबे समय से चली आ रही आर्थिक एवं संस्थागत कमजोरी से निपटने में सरकार एवं नीति के प्रभाव को कम होते हुए दिखाती है। जिस कारण पहले ही उच्च स्तर पर पहुंचा कर्ज का बोझ धीरे-धीरे और बढ़ सकता है।’ इसके पहले अक्टूबर में ही मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने 2019-20 में GDP ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया था। मूडीज की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पहले के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था में जोखिम बढ़ गया है, इसलिए आउटलुक को घटाने का फैसला किया है। आपको बता दें कि दुनिया की अन्य बड़ी रेटिंग एजेंसी फिच और एसएंडपी ने भारत के आउटलुक को स्टेबल रखा है।

अब क्या होगा
कैपिटल सिंडिकेट के मैनेजिंग पार्टनर पशुपति सुब्रमण्यम ने बताया है कि रेटिंग एजेंसी के इस फैसले से खास असर नहीं होगा, क्योंकि अब दुनियाभर की अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे है। क्योंकि, ब्याज दरें घटाने के बाद निवेशकों का भरोसा भी लौटा है। इसीलिए शेयर बाजार में तेजी आई है। भारत में विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर महीने में करीब 8595.66 करोड़ रुपये लगाए हैं। वहीं, नवंबर में अभी तक  2,806.10 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं। वीएम पोर्टफोलियो के हेड विवेक मित्तल कहते हैं कि मौजूदा तिमाही में भी जीडीपी ग्रोथ पर दबाव रह सकता है। लेकिन अगले साल के शुरुआती महीनों में भारतीय अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर लौट सकती है। इसके संकेत कंपनियों के तिमाही नतीजों से मिले है। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनियों का प्रदर्शन अनुमान से बेहतर रहा है। इसीलिए घरेलू शेयर बाजार पर रेटिंग घटाने का खास असर नहीं है। ऐसे माहौल में निवेशकों के पास अच्छे शेयरों में खरीदारी करने का मौका है।

भारत की रेटिंग BAA2
रेटिंग के बारे में जानकारी देते हुए मूडीज ने कुछ चीजों को लेकर चिंताएं जाहिर की है। मूडीज का कहना है कि आर्थिक मंदी को लेकर चिंताएं लंबे समय तक रहेंगी और कर्ज बढ़ सकता है।

कौन है मूडीज
आपको बता दें कि रेटिंग देने के इस सिस्टम देने की शुरुआत 1909 में जॉन मूडी ने की थी। इसका मकसद इन्वेस्टर्स को एक ग्रेड देना है, ताकि मार्केट में उसकी क्रेडिट बन सके। Moody’s कॉर्पोरेशन, Moody’s इन्वेस्टर्स सर्विस की पेरेंट कंपनी है, जो क्रेडिट रेटिंग और रिसर्च का काम करती है। मूडीज की रेटिंग का मतलब मूडीज एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी है। ये एजेंसी 100 से भी अधिक आर्थिक विशेषज्ञों के साथ किसी देश की रेटिंग तय करते हैं। हालांकि, इसके लिए कोई भी फॉर्मूला नहीं है। इसमें किसी भी देश पर कर्ज और उसे चुकाने की क्षमता को ध्यान में रखा जाता है। इसके अलावा रेटिंग एजेंसी देश में आर्थिक सुधारों और उसके भविष्य के प्रभाव को भी ध्यान में रखता है।