Monday , 22 October 2018

अब आप मोबाइल एप के जरिये देख सकेंगे केदारनाथ का इतिहास और भूगोल

मंथन न्यूज़ नेटवर्क ;केदारनाथ आने वाली श्रद्धालु अब अपनी भाषा में ही केदारनाथ व उसके आसपास के क्षेत्रों का इतिहास तथा उनकी महत्ता की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन स्तर पर एक मोबाइल एप तैयार किया जा रहा है।

इसे केदारनाथ के कपाट खुलने तक पूरा कर लिया जाएगा। भविष्य में केदारपुरी के स्वरूप की जानकारी देने के लिए एक प्रतिकृति तैयार कर केदारनाथ में रखने की भी तैयारी है।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने पत्रकारों के बातचीत में बताया कि चारधाम यात्रा की तैयारियां तकरीबन पूरी हैं। इस बार सरकार की मंशा देश भर से आने वाले तीर्थयात्रियों को उनकी भाषा में ही केदारनाथ के संबंध में जानकारी देने की है।

यदि यह प्रयोग सफल रहा तो निकट भविष्य में इसमें अन्य धाम व तीर्थ स्थलों को भी जोड़ा जाएगा। उत्तरकाशी के गंगोरी में हाल ही में टूटे पुल के संबंध मे बताया कि सीमा सड़क संगठन ने यात्रा से पहले वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।

केदारनाथ आने वाली श्रद्धालु अब अपनी भाषा में ही केदारनाथ व उसके आसपास के क्षेत्रों का इतिहास तथा उनकी महत्ता की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन स्तर पर एक मोबाइल एप तैयार किया जा रहा है।

इसे केदारनाथ के कपाट खुलने तक पूरा कर लिया जाएगा। भविष्य में केदारपुरी के स्वरूप की जानकारी देने के लिए एक प्रतिकृति तैयार कर केदारनाथ में रखने की भी तैयारी है।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने पत्रकारों के बातचीत में बताया कि चारधाम यात्रा की तैयारियां तकरीबन पूरी हैं। इस बार सरकार की मंशा देश भर से आने वाले तीर्थयात्रियों को उनकी भाषा में ही केदारनाथ के संबंध में जानकारी देने की है।

यदि यह प्रयोग सफल रहा तो निकट भविष्य में इसमें अन्य धाम व तीर्थ स्थलों को भी जोड़ा जाएगा। उत्तरकाशी के गंगोरी में हाल ही में टूटे पुल के संबंध मे बताया कि सीमा सड़क संगठन ने यात्रा से पहले वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।