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Tuesday , 28 February 2017

हार्दिक की ‘मोदी हराओ देश बचाओ’ रैली से नीतीश ने बनाई दूरी

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मोदी और नीतीश की दोस्ती परवान चढ़ने लगी है शायद तभी तो नीतीश कुमार ने हार्दिक पटेल की ओर से आयोजित रैली में शामिल होने से इनकार कर दिया  है।कुछ दिन पहले पीएम मोदी और नीतीश कुमार एक ही मंच पर नजर आये थे और एकदुसरे की जमकर तारीफ भी की थी। शायद उसी दोस्ती को नीतीश कुमार ने आगे बढ़ाने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश चुनाव में अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए उन्होंने हार्दिक पटेल की रैली में जाने से इंकार कर दिया।

 

वहीं नीतीश कुमार के इस फैसले को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जाने लगा है कि कहीं नीतीश और मोदी की दोस्ती राजनीतिक दूरियों को कम करने के लिए तो नहीं बढ़ रही है। साथ ही सत्ता के गलियारों में यह भी कयास लगने शुरु हो गये हैं कि नीतीश बीजेपी से अपनी नजदीकियां बढ़ा रहे हैं।

पिछले महीने हार्दिक पटेल पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिले थे। इस दौरान उन्हें 28 जनवरी को आयोजित होने वाली ‘मोदी हराओ देश बचाओ’ रैली में हिस्सा लेने का न्योता दिया था. सीएम ने रैली में शामिल होने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने इस रैली में शामिल होन से इनकार कर दिया है। वहीं जदयू नेताओं ने इस बात से इंकार किया है कि प्रकाश पर्व के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नीतीश कुमार के शराबबंदी अभियान की सराहना के बाद हार्दिक पटेल की रैली से किनारा किया गया है।

अपने संबोधन के दौरान पीएम ने शरारबंदी अभियान की जमकर तारीफ की थी। उससे पहले नीतीश कुमार ने भी गुजरात  के शराबबंदी अभियान की ताऱीफ की थी। जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि हार्दिक पटेल को इस बात का आश्वासन दिया गया है कि 11 मार्च बाद अगर वो रैली का आयोजन करते हैं तो उसमें मुख्यमंत्री शामिल हेंगे। 11 मार्च को उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम आने हैं।

 

हार्दिक ने गुजरात में पटेलों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर रैली आयोजित की थी. लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि अगर उनका हक नहीं मिला तो पाटीदार 2017 के चुनाल में बीजेपी को उखाड़ फेकेंगे। उस रैली में हार्दिक ने यहां तक कह दिया था कि आरक्षण के लिए भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद तक बनने के लिए तैयार हैं। सरदार पटेल की याद करते हुए इस युवा नेता ने कहा था कि अगर एक सरदार पूरे देश को जोड़ सकता है तो हम पूरे राज्य में 80 लाख हैं और पूरे देश में 27 करोड़। नीतीश कुमार इकलौते ऐसे विपक्षी नेता हैं जिन्होंने पीएम मोदी के नोटबंदी अभियान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर क्षेत्र में हुए भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक की तारीफ की थी।

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