Thursday , 19 September 2019

चक्रवात वायु का कहर: नष्ट हुआ सदियों पुराना भुतेश्वर महादेव मंदिर

क्रवाती तूफान वायु (Vayu) गुजरात के तटीय इलाके में कहर बरपा रहा है। समुद्री लहर और तेज हवा ने पोरबंदर के तट पर स्थित सदियों पुराने भुतेश्वर महादेव के मंदिर क्षतिग्रस्त कर दिया है। पूरा मंदिर तबाह हो गया है।

राजस्व विभाग के अतिरिक्त प्रमुख सचिव पंकज कुमार ने आज कहा था कि चक्रवात वायु दोपहर बाद गुजरात के तटीय इलाके से गुजरेगा। राज्य सरकार अलर्ट थी। संवेदनशील इलाके से लोगों को खाली कराकर सुरक्षित स्थानों में पहुंचा दिया गया था।

चक्रवात वायु के चलते इस इलाके में बहुत ही तेज हवा आई और समुद्र ने विकराल रूप धारण  कर लिया। जिले के वेरावल तटीय इलाके के मछुआरों ने दावा किया है कि 40 से 45 नावें चक्रवात के चपेट में आने से बर्बाद हो गए।

पोरबंदर के कोस्ट गार्ड के डीआईजी इकबाल सिंह चौहान ने कहा कि हम पिछले शनिवार से इसकी निगरानी कर रहे हैं, पहले से ही इस नजर बनाए हुए हैं।  यह सुनिश्चित किया कि समुद्र में कोई मछुआरे या नावें न हों। हम मौजूदा स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और पूरी तरह से तैयार हैं।

अर्थ साइंस मंत्रालय ने गुरुवार दोपहर बाद कहा कि वायु के कुछ समय के लिए नॉर्थ-नॉर्थवेस्ट की ओर जाने की संभावना है। और उसके बाद नॉर्थवेस्ट की ओर सौराष्ट्र तट की ओर जाएगी। वायु गिर सोमनाथ, दियू, जूनागढ़, पोरबंदर और देवभूमि द्वारका में 135-145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जाएगी और दोपहर बाद हवा की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे होने का अनुमान लगाया गया था।

रेलवे ने चक्रवात वायु के खतरे को देखते हुए 86 ट्रेनों का आवाजाही बंद किया है। पश्चिमी रेलवे ने वेरावल, ओखा, पोरबंदर, भावनगर, भुज और गांधीधाम में यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है। वेरावल-अमरेली, अमरेली-जूनागढ़, देलवाडा-वेरावल ट्रेनों को गुरुवार तक के लिए रद्द किया गया है। साथ ही विशेष राहत ट्रेनें चलाने का भी फैसला किया गया है।