Thursday , 18 October 2018

भारी बर्फबारी से प्रभावित हुई चारधाम यात्रा, केदारधाम में फंसे उत्तराखंड के पूर्व CM हरीश रावत

केदारनाथ में खराब मौसम के चलते उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत धाम में फंस गए हैं। वहां लगातार बारिश और बर्फबारी के चलते हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहा है। ऐसे में इन नेताओं को मौसम साफ होने का इंतजार है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को सोनप्रयाग व गौरीकुंड में रोक दिया है।

 वहीं बारिश के चलते ओजरी दबारकोट के पास मलबा आने से यमुनोत्री हाईवे बंद हो गया है। बदरीनाथ हाईवे भी लामबगड़ में अवरूद्ध हो गया था, जिसे शाम चार बजे खोल दिया गया। बदरीनाथ और लामबगड़ में रोके गए करीब 7 हजार यात्रियों को उनके गतव्य पर भेजा गया। मंगलवार को तड़के बदरीनाथ में भी बारिश और भारी बर्फबारी का दौर जारी है। वहीं केदारनाथ धाम में भी बर्फबारी हुई। जिस कारण केदारनाथ यात्रा रोक दी गई। केदारनाथ धाम में करीब तीन हजार यात्री, ड्यूटी अधिकारी/कर्मचारी व कार्यदायी संस्थाओं के लोग मौजूद हैं।

खराब मौसम के कारण केदारनाथ में रुके पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गरीब यात्रियों के लिए धाम में कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव उत्पल कुमार से फोन पर बातचीत कर धाम और पैदल मार्ग पर में जगह-जगह पर अलाव की व्यवस्था और बारिश व बर्फबारी से बचने के लिए रेन सेल्टर बनाने पर जोर दिया। पूर्व सीएम के साथ राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा और केदारनाथ विस के विधायक मनोज रावत भी हैं।
पूर्व सीएम ने कहा कि केदारनाथ में बर्फबारी होना, प्रकृति का नैसर्गिक सौंदर्य है। वे पूरी तरह से स्वस्थ्स और सुरक्षित हैं। साथ ही उनके साथ के लोग भी कुशल हैं। कहा कि मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार धाम में मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इंतजाम नहीं किए गए हैं।

कहा कि इस बर्फबारी ने डबल इंजन सरकार की सारी यात्रा व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। बावजूद प्रशासनिक तंत्र अपने काम में मुस्तैद है। रावत ने कहा कि खराब मौसम के बावजूद केदारनाथ में सिर्फ एक-दो स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। जबकि जगह-जगह पर सुविधा होना चाहिए थी। उन्होंने मंदिर परिसर के एक तरफ से मंदिर मार्ग के किनारे रेन सेल्टर बनाने की बात भी कही, जिससे बारिश, बर्फबारी में श्रद्धालुओं को ज्यादा दिक्कत न हो। उन्होंने केदारनाथ में गरीब यात्रियों के रात्रि प्रवास के लिए इंतजाम नहीं होने पर रोष जताया। कहा, जिसका कोई नहीं, उसके बाबा केदार हैं। लेकिन सरकार ने धाम पहुंच रहे गरीबों की सुध लेना उचित नहीं समझा, जो बाबा के भक्तों के साथ अन्याय है। इस मौके पर राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि केदारनाथ में यात्रियों के लिए उस स्तर की सुविधाएं नहीं की गई हैं, जिस तरह से प्रचार किया गया था। वहीं, विधायक रावत ने कहा शासन-प्रशासन की खानापूर्ति तैयारियों की हकीकत सामने आ गई है। इन हालात में यात्रियों के स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए शासन स्तर पर प्रयास नाकाफी हैं। चारधाम सहित गढ़वाल मंडल के साथ ही कुमाऊं के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। हेमकुंड में भी बर्फबारी के चलते यात्रा की तैयारियों के कार्य ठप पड़े हैं।