Sunday , 31 December 2017

‘बाबा’ वीरेंद्र देव के आश्रम से छूटी लड़की ने बताई आश्रम की शर्मनाक बातें!

मंथन न्यूज़ नेटवर्क- विहार स्थित आश्रम ‘आध्यात्मिक विश्वविद्यालय’ में रोजाना चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। हाईकोर्ट के समक्ष अब तक 168 ऐसी महिलाओं व लड़कियों की सूची पेश की गई जो यहां पर कथित रूप से बंधक हैं।

हाईकोर्ट ने पूछा था कि विश्वविद्यालय का संचालक वीरेंद्र देव दीक्षित कहां है। अदालत ने उनके वकील को शुक्रवार तक इस संबंध में जानकारी देने का निर्देश दिया था। बता दें कि मामले में आरोपों की गंभीरता के मद्देनजर अदालत ने सीबीआई को जांच का निर्देश दिया था।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के समक्ष अधिवक्ता अजय वर्मा ने कहा कि कोर्ट द्वारा नियुक्त कमेटी ने बुधवार को आश्रम का निरीक्षण किया था। इस दौरान वहां करीब 20 आदमी मिले जो देखने से मजदूर लग रहे थे और काफी बीमार दिख रहे थे। इन लोगों का इलाज करने का निर्देश दिया जाए। कोर्ट के समक्ष कमेटी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान वहां से करीब 30-40 मोबाइल व इतनी ही संख्या में सिम कार्ड, लैपटॉप व एक सीपीओ बरामद हुए हैं। इन सबको बरामद कर लिया गया है। इन सबको सीबीआई को सौंप दिया जाएगा।
कोर्ट के समक्ष आश्रम के वकील आलोक पोपने ने कहा कि यह सब मोबाइल एक सेवादार के हैं जो इनकी मरम्मत करता है। कोर्ट ने आलोक पोपने से पूछा कि आश्रम चलाने वाला वीरेंद्र देव दीक्षित कहां है उसे तो पेश होने के कहा था। वकील ने बताया कि उसे नहीं पता कि दीक्षित कहां पर है। कोर्ट ने कहा कि वह किससे निर्देश ले रहा है। वकील ने बताया कि दीक्षित पर कई झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं इसलिए वह दिल्ली में नहीं रहता। उससे किसी अन्य आदमी दीपक डी सिल्वा के जरिये बात होती है।
कोर्ट ने यह जानकारी सामने के बाद वकील से कहा कि वह डी सिल्वा का मोबाइल नंबर दे और उससे दीक्षित के ठिकाने में बात करके कोर्ट को बताए। कोर्ट ने रुचि गुप्ता को कोर्ट में पेश नहीं किए जाने पर भी नाराजगी जाहिर की। कोर्ट के समक्ष एक महिला ने बताया कि वह अपनी चार बेटियों के साथ आश्रम में थी। जब उसने वहां पर अश्लील माहौल देखा तो वह वहां से निकल आई लेकिन उसकी बेटियां वहीं पर हैं। कोर्ट ने महिला को फटकार लगाई कि वह अपनी बेटियों के साथ वहां क्यों गई थी।