Wednesday , 1 July 2020

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा- पूरे देश में कोविड टेस्ट की कीमत एक होनी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 के उपचार और अस्पतालों में कोरोना संक्रमित शवों के साथ बुरा बर्ताव करने के मामले में सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने खुद मामले का संज्ञान लेने वाले इस मामले की सुनवाई जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस  एम आर शाह की बेंच ने की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विशेषज्ञों की टीम को अस्पतालों का दौरा करना चाहिए, वहां जरूरी उपाय करने के लिए कदम उठाए जाएं. रोगियों की देखभाल और शवों को संभालने में खामियों को दूर करें. सभी वार्डों में CCTV कैमरे लगाए जाने चाहिए. कोविड टेस्टिंग के लिए उचित दर तय की जानी चाहिए. देश भर में इस संबंध में एकरूपता होनी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देशभर में कोविड टेस्ट की कीमत एक होनी चाहिए, कहीं ये 2200 रुपये है तो कहीं 4500 रुपये है. केंद्र सरकार से कहा कि कोविड टेस्ट की अधिकतम कीमत तय करें। राज्य चाहें तो उससे कम कीमत रख लें.

SC ने महाराष्ट्र सरकार के उस आदेश पर नाराजगी जताई जिसमें  मरीजों या उनके रिश्तेदारों को COVID-19 की पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं मिल सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मरीजों और रिश्तेदारों को ये रिपोर्ट मिलनी चाहिए. महाराष्ट्र सरकार से अपने आदेश की समीक्षा करने के लिए कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए 5 साल पहले मिले 60 करोड़ रु का इस्तेमाल अब तक क्यों नहीं किया?

गौरतलब है कि कोरोना के इलाज में फैली अव्यवस्था पर सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और प. बंगाल को नोटिस जारी किया था.