Saturday , 19 October 2019

राफेल की रक्षा के लिए नींबू लगाना भारतीय संस्कृति का हिस्सा: निर्मला सीतारमण

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल की पूजा के लिये रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बचाव करते हुए कहा कि यह अंधविश्वास नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। सिंह ने मंगलवार को विजयदशमी के अवसर पर फ्रांस में नए विमान में ‘‘शस्त्र पूजा’’ की थी। दो सीट वाले राफेल जेट में उड़ान भरने से पहले रक्षा मंत्री ने विमान पर ‘ओम’ लिखा, फूल चढ़ाया, नारियल फोड़ा और उसके पहियों के नीचे नींबू रखे थे। इसे लेकर सीतारमण ने कहा, “इसमें गलत क्या है? हम दृढ़ता से मानते हैं कि इस तरह के निर्णय लेने और देश को लाभ पहुंचाने में सक्षम होने के लिए आपके पास ताकत होनी चाहिए।”

सीतारमण ने पुणे में पत्रकारों से कहा, “हो सकता है कि आपको यह मंजूर न हो। हो सकता है कि आप सोचें कि यह अंधविश्वास है, कोई बात नहीं। जिनका विश्वास है वो करते हैं, इस देश में इसका महत्व है और मुझे लगता है कि उन्होंने (सिंह) बिल्कुल ठीक किया।” उन्होंने सिंह के कार्य को भारतीय संस्कृति से जोड़ते हुए कहा कि भारत में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रूप में ऐसा करता है। सीतारमण ने कहा कि पूर्ववर्ती रक्षा मंत्री और उनकी पत्नी ने अपने विश्वास के अनुसार अनुष्ठान करके नौसेना के जहाजों का शुभारंभ किया था। मंत्री ने कहा, “भारत में उस समय, हम में से कितने लोग अंधविश्वास को लेकर चिंतित थे? क्या हम चिंतित थे?”

सीतारमण ने एक ‍वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान का भी बचाव किया जिसमें मोदी अंधविश्वास में लिप्त लोगों का मजाक उड़ाते दिख रहे हैं। राफेल पूजा के बाद ट्विटर पर “नींबू-मिर्ची” अंधविश्वास का मजाक उड़ाते मोदी का एक पुराना भाषण साझा किया जा रहा है। मोदी ने अगस्त 2017 में दिल्ली मेट्रो की मेजेंटा लाइन मेट्रो के उद्घाटन के मौके पर कहा था, “आपने कार के ऊपर नींबू-मिर्च और पता नहीं क्या क्या…ये लोग देश को क्या प्रेरणा देंगे? ऐसी अंध श्रद्धा में जीने वाले लोग सार्वजनिक जीवन का बहुत अहित करते हैं।

मोदी एक मुख्यमंत्री द्वारा उनकी नई कार पर “नींबू और मिर्च” रखने का जिक्र कर रहे थे, हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री का नाम नहीं लिया था।” इस पर सीतारमण ने कहा, मोदी भी (विश्वास और अंधविश्वास पर उनके विचारों को लेकर) सही थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने विज्ञान या वैज्ञानिक विकास को “त्यागा” नहीं है।