Saturday , 19 October 2019

भारत की पहली ग्रेजुएट महिला कामिनी रॉय के जन्मदिन पर गूगल ने बनाया डूडल, महिलाओं को दिलाया था वोट देने का अधिकार

गूगल ने आज अपना डूडल बंगाली कवित्री, साहित्यकार और शिक्षाविद कामिनी रॉय को समर्पित किया है. आज कामिनी रॉय की 155वी जयंती है. इनका जन्म जन्म 12 अक्टूबर 1864 को वासंदा आज के बांग्लादेश में हुआ था. इनके पिता का नाम चांदी चरण सेन था. वह बंगाल के चर्चित लेखक थे. कामिनी रॉय के भाई कलकत्ता के हाईकोर्ट में बैरिस्टर का काम करते थे. उनकी एक छोटी बहन थी. जामिनी रॉय जो नेपाल शाही परिवार में फिजीसियन थी. कामिनी रॉय की शादी 1894 में केदारनाथ रॉय से हुई थी.

कामिनी रॉय को गणित बहुत पसंद था लेकिन उन्होंने आगे चलकर संस्कृत भाषा में बैचलर ऑफ आर्टस में ग्रेजुएशन किया. कामीनि रॉय ब्रिटिश राज में भारत की पहली ग्रेजुएट भारतीय महिला थी. कामीनि रॉय ने जिस कॉलेज से पढ़ाई की बाद में उन्होंने उसी कॉलेज में अध्यापन भी किया.

कामीनि रॉय के अपने समय की पहली महिला शिक्षिका थी. उन्होंने पूरे बंगाल में महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया. जिससे महिलाओं का समुचित विकास हो. उन्होंने अपनी 10 रूट ऑफ ट्री ऑफ नॉलेज निबंध में लिखा था कि पुरुष की इच्छा हमेशा औरतों पर राज करने वाली होती है. जिसके वजह से महिलाओं को वह पढ़ने की अनुमती नहीं देते हैं. पुरूष डरते है कि महिला अगर शिक्षित होगी तो हमारी तरह हो जाएंगी.