Tuesday , 21 November 2017

भारतीय टीम का उप कप्तान बना उत्तराखंड का ये लाल, करेगा नाम रोशन

उत्तराखंड के एक और लाल ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा की चमक बिखेरकर राज्य का नाम रोशन किया है। अल्मोड़ा के जितेंद्र सिंह बिष्ट फीफा अंडर-17 वर्ल्ड के लिए भारतीय टीम के उप कप्तान बनाए गए हैं। इससे पहले जितेंद्र अंडर-13, अंडर-14 व अंडर-16 में भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके हैं।
बेहद गरीब परिवार में जन्मे जितेंद्र के पिता कोलकाता में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं जबकि मां हेमा देवी घर पर सिलाई का काम करती है। जितेंद्र के बड़े भाई सूरज भी कोलकाता में क्लब फुटबाल खेलते हैं।  प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती। हुनरमंद लोग तमाम रुकावटों के बावजूद अपना मुकाम हासिल कर ही लेते हैं।

जितेंद्र पर भी यह बात पूरी तरह फिट बैठती है। मूलत: अल्मोड़ा के ज्यूड गांव निवासी जितेंद्र की ननिहाल अल्मोड़ा पुलिस लाइन में है। उनके दादा कोलकाता में नौकरी करते थे। एक बार उनकी तबियत बहुत बिगड़ गई, तब जितेंद्र के पिता उनकी देखभाल के लिए वहां गए। उसके बाद उनका पूरा परिवार कोलकाता शिफ्ट हो गया। बचपन में सूरज और जितेंद्र दोनों ही क्रिकेट खेला करते थे।

लेकिन क्रिकेट के लिए किट लेने को उनके पास पैसे नहीं होते। ऐसे में उन्होंने फुटबाल खेलना शुरू किया। बंगाल के  लिए हुए ट्रायल में जितेंद्र को चुना गया। इसके बाद उन्होंने अपने शानदार खेल के दम पर भारत की अंडर-13, अंडर-14, अंडर-16 टीम की कप्तानी भी की।

जितेंद्र ने दून फुटबाल एकेडमी के कोच वीरेंद्र सिंह रावत से भी कोचिंग की। उन्होंने बताया कि वीरेंद्र सिंह रावत की कोचिंग से उन्हें तकनीक बेहतर करने में काफी फायदा मिला। जितेंद्र के बड़े भाई सूरज ने बताया कि बचपन में गरीबी के कारण उन्हें क्रिकेट खेलना छोड़ना पड़ा। हालांकि आज उन्हें अपने इस फैसले पर गर्व होता है। उन्होंने बताया कि जितेंद्र का सपना भारतीय टीम में अपनी जगह बनाना है, जिसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रहा है।