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Sunday , 26 February 2017

बिना साक्षात्कार के SP नेता की पत्नी को मिली विश्वविद्यालय में शिक्षिका की नौकरी

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गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में समाजवादी पार्टी के एक नेता की पत्नी को बिना साक्षात्कार के शिक्षिका की नौकरी देने का मामला सामने आया है। जीबीयू बचाओ मंच के संयोजक डॉ. विकास पंवार ने जीबीयू में गड़बड़झाला की शिकायत जीबीयू के कुलाधिपति और प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से पत्र भेज कर की है।

मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में जीबीयू बचाओ मंच के संयोजक डॉ. विकास पंवार ने आरोप लगाया है कि विवि में समाजवादी पार्टी के एक नेता की पत्नी को बिना साक्षात्कार शिक्षक की नौकरी दी गई है। इस बारे में निर्धारित प्रक्रिया का पालन भी नही किया गया है।

आरोप है कि विवि स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग और स्कूल ऑफ आइसीटी में छात्रो की संख्या करीब दो हजार है, दो हजार छात्रों को पढ़ाने के लिए महज दो दर्जन शिक्षक हैं। दोनों स्कूल गेस्ट फैकल्टी के सहारे चल रहे हैं। शिक्षकों का टोटा दूर करने के लिए ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़झाला ने छात्रों का भविष्य अधर में डाल दिया है।

आरोप है कि विवि के प्रशासनिक अधिकारियो ने सगे संबंधियों और राजनीतिक पहुंच वाले आवेदकों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों का पालन नहीं किया। विज्ञापित पदों की संख्या से अधिक भर्ती करने के कारण ही बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्यों ने आपत्ति करते हुए अनुमोदन पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए।

जीबीयू में पुस्तक खरीद घोटाला और शिक्षको की भर्ती घोटाला के चलते पहले भी लोकायुक्त जांच हो चुकी है। हालांकि, उस जांच में लोकायुक्त के हाथ असली भ्रष्टाचारियों तक नहीं पहुंचे थे। उस दौरान जांच की आंच लाइब्रेरियन पर गिरी थी, जबकि कई अन्य साजिशकर्ता जांच से बच गए थे। यदि अब फिर से लोकायुक्त जांच होती है, तो कई बड़े नाम जांच में सामने आ सकते हैं। वहीं, कुलपति डा. जेपी शर्मा का कहना है कि विवि में भर्ती प्रक्रिया नियमों को ध्यान में रखकर की गई है। आरक्षण के संबंध में बीओएम में शामिल बाहरी सदस्यों को पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।

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