Saturday , 28 March 2020

इटली में नहीं थम रहा कोरोना का कहर, एक दिन में हुईं 627 लोगों मौत

कोरोना वायरस दुनिया भर के लिए एक विकराल समस्या बनता जा रहा है. चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ इसका प्रसार रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है. अबतक दुनिया के तमाम देश इसकी चपेट में आ चुके हैं. भारत में भी यह वायरस तेजी से फैल रहा है.

ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि इटली में कोरोना का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है. शुक्रवार को इटली में कोरोना की वजह से 627 लोगों की जान चली गई, जबकि कोरोना वायरस के संक्रमण के 5986 नए मामले भी सामने आए.

आपको बता दें कि शुक्रवार के इन आंकड़ों को मिला लें तो इटली में अब तक कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 4032 हो चुकी है. वहीं कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या भी बढ़कर 47,021 हो चुकी है.

इटली में कोरोना वायरस का फैलाव कुछ ज्यादा ही तेजी से होता नजर आ रहा है. इटली में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की बात करें तो उनमें से 2,655 लोगों की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है.

इटली और चीन के आंकड़े बताते हैं कि वायरस से बुजुर्गों को ज्यादा खतरा है. कोरोना से होने वाली मौत के मामले में गुरुवार रात तक इटली ने चीन को पीछे छोड़ दिया है. इटली के स्वास्थ्य संस्थान ने अपने एक अध्ययन में कहा है कि ज्यादातर मौतें बुजुर्गों की हुई हैं. इटली में हुई मौत की औसत उम्र 80 साल के आसपास है. हालांकि सबसे ज्यादा संक्रमित होने वाले लोगों की औसत उम्र 63 साल है.

कुछ इसी तरह से मिलता जुलता अध्ययन चीन का रहा है. चीन में कुल मौत में से चौदह फीसदी से ज्यादा 80 साल से ऊपर वाले बुजुर्गों की रही. जबकि 8 फीसदी मौत 70 से 79 साल की उम्र वाले लोगों की थी. चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CCDC) ने 11 फरवरी तक के कुल 72, 314 में से 44 हजार से ज्यादा मामलों के अध्ययन के बाद पाया कि बुजुर्गों की खास देखभाल जरूरी है.

कोरोना वायरस से बुजुर्गों की सबसे ज्यादा मौत की वजह उनकी प्रतिरोध क्षमता का कम होना और डायबिटीज, फेफड़े के रोग जैसी पुरानी बीमारियां बड़ी वजह हैं. ऐसे में इस तरह का संक्रमण उनके लिए जानलेवा बन सकता है. बुजुर्ग भले ही ज्यादा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाते हों लेकिन ये संक्रमण युवा लोगों के जरिए भी पहुंच रहा है.